Related imageयह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत का पहला मंगल अभियान जिसके तहत मंगलयान यानि मार्स ओर्बिटर मिशन(MOM) को मंगल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था , उसे मंगल की कक्षा में 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं। यह जानकारी इसरो चीफ के. सीवन द्वारा दी गई। इस मिशन का लक्ष्य सिर्फ 6 महीने रखा गया था परन्तु मंगलयान मंगल की कक्षा में 5 वर्ष पूरे कर चुका है और आगे एक और वर्ष तक काम करता रहेगा।

Image result for मंगलयानएकमात्र मॉम ही ऐसा उपग्रह है जिसने मंगल ग्रह की फुल डिस्क में फोटोज ली थी। इस उपग्रह की मदद से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह का मानचित्र तैयार करने में बहुत मदद मिली है। अब तक मंगलयान मंगल ग्रह की 1000 तस्वीरें भेज चुका है। इनमे से कुछ तस्वीरें बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, जैसे कि ओलम्पस मोन्स ज्वालामुखी की तस्वीर।

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मंगलयान द्वारा भेजी गई एक तस्वीर मंगल ग्रह के उत्तरी ध्रुव मे जमी बर्फ को दिखाती है।
 यह ज्वालामुखी एवेरेस्ट से ढाई गुना ऊंचा है। इसकी ऊंचाई 22 किमी है और व्यास 600 किमी।Image result for मंगलयान

इसके अलावा मंगल ग्रह के दो उपग्रह फोबोस और डीमोस की भी तस्वीरें मार्स कॉलोर कैमरा(MCC) द्वारा ली गयी हैं।

मंगलयान की मदद से वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर धूल भरी आँधियों के बारे में यह जानकारी प्राप्त हुई कि ये डस्ट स्टोर्मस 1000 किमी की ऊँचाई तक उड़ सकते हैं। मंगलयान को 5 नवंबर 2013 को 2 बजकर 38 मिनट पर PSLV C-25 द्वारा छोड़ा गया। इस अभियान की लागत हॉलीवुड फिल्म ग्रैविटी और नासा के मावेन ओर्बिटर से भी बहुत कम है।

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