नवरात्रि के नौ दिन साल के सबसे शुभ दिन माने जाते हैं। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के 9 दिनों में हर तरह के शुभ कार्य किए जाते हैं। किसी को नया घर खरीदना हो या नई गाड़ी खरीदनी हो या फिर किसी अन्य शुभ कार्य की शुरुआत करनी हो तो इसके लिए नवरात्रि के 9 दिन बहुत ही शुभ माने जाते हैं। बच्चों के मुंडन से लेकर विशेष पूजा पाठ का अनुष्ठान नवरात्रि में किया जाता है।

हर तरह के शुभ कार्य होने के बावजूद नवरात्रि के 9 दिनों में शादियों की रस्म नहीं होती है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है? आखिर हर तरह के शुभ कार्य होने के बावजूद नवरात्रि के 9 दिनों में शादी की रस्में क्यों नहीं की जाती है।

आइए जानते हैं, इसका कारण क्या है-

दरअसल नवरात्रि के नौ दिनों तक सात्विकता एवं पवित्रता बनाए रखना चाहिए। शास्त्रों में नवरात्रि के नौ दिनों तक, साबुन तेल के इस्तमाल, बाल काटना तथा शेविंग करना इत्यादि बातों की मनाही होती है। नवरात्रि के दौरान किसी भी प्रकार के व्यसन करने पर भी होती है। सात्विक भोजन का सेवन किया जाता है। यहां तक कि जो लोग 9 दिन का व्रत रखते हैं उन्हें पलंग अथवा खाट पर सोने की भी मनाही होती है। शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि नवरात्रि के दौरान पुरुष एवं स्त्री को शारीरिक संबंध बनाने से भी परहेज करना चाहिए।

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अब चूंकि विवाह का मतलब ही होता है, संतान उत्पत्ति के द्वारा वंश को आगे बढ़ाने की एक प्रक्रिया। यही एक खास वजह होती है कि नवरात्रि के पर्व के दौरान, हर शुभ कार्य होने के बावजूद शादी विवाह की रस्म नहीं की जाती है।

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