दरवाजा हर किसी के घर में होता है। घर की सुरक्षा की जिम्मेदारी घर के दरवाजे पर ही होती है। वास्तुशास्त्र में घर के दरवाजे के संबंध में कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं, जिन पर यदि ध्यान ना दिया जाए तो यह परेशानियों का बन सकती है। आइए जानते है विस्तार में-

1. दरवाजे का टेढ़ा होना-

अक्सर बरसात तथा सीलन की वजह से दरवाजे की टेढ़े हो जाने की बात सामने आती है। परन्तु वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के दरवाजे का टेढ़ा होना शुभ नहीं होता। जिस घर के दरवाजे टेढ़े होते हैं उस घर में परेशानियों के आने की शुरुआत हो जाती है। ऐसे कि यदि घर के दरवाजे टेढ़े हो जाए तो उसे फौरन हटा दे।

2. घर का मुख्य दरवाजा ना हो टूटा हुआ-

किसी भी घर के मुख्य दरवाजे ज्यादातर लोहे के बने हुए होते हैं। ऐसे में ध्यान रखना चाहिए कि मुख्य दरवाजे कहीं से टूटे हुए या जंग लगे हुए न हो। घर का मुख्य दरवाजा सम्मान और प्रतिष्ठा का प्रतीक होता है। इसके टूटे होने पर घर के मालिक का सम्मान समाज मे कम होता है।

3. न हो चौखट से बड़ा दरवाजा-

दरवाजा लगवाते समय ध्यान देना चाहिए कि घर का दरवाजा कभी भी चौखट से बड़ा नहीं होना चाहिए। क्योंकि ऐसा होने से घर के सभी सदस्य के ऊपर मुसीबत आती है।

4. मुख्य दरवाजा खुले अंदर की तरफ-

दरवाजा लगवाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके घर का मुख्य दरवाजा हमेशा अंदर की दिशा में खुलना चाहिए। इससे घर में सुख एवं समृद्धि बनी रहती है। साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर का कोई भी दरवाजा, खोलने अथवा बंद करने पर ज्यादा आवाज ना करे।

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5. दरवाजे का बार-बार खुलना-

यदि घर का कोई भी दरवाजा बार बार होता है वह शुभ नहीं माना जाता। ऐसा माना जाता है कि जिस घर के दरवाजे बार-बार खोलते हो उसके मालिक के जीवन पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है।

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