महाभारत के अनुसार एक शक्तिशाली शासक था जिसका नाम जरासंघ था। उसने कई राजाओं के साथ युद्व किया और जीत हासिल कर उनके राज्यों को अपने कब्जे में कर लिया। जरासंघ ने कई सालों तक मगध पर शासन किया।

एक बार बलराम के साथ जरासंघ की बात हुई। श्रीकृष्ण और बलराम दोनों इस बात से पूरी तरह वाकिफ थे कि जरासंघ को हरा पाना बेहद मुश्किल है। जब उन दोनों में युद्ध छिड़ गया तो श्रीकृष्ण को इस बात का अंदाजा हो गया कि जरासंघ को हराना आसान नहीं है और वो बलराम के साथ युद्ध का मैदान छोड़कर पहाड़ों में जा छुपे। फिर जरासंघ की सेना उन्हें खोजने निकल गयी। जरासंघ सेना के लिए उन्हें ढूंढना मुश्किल हो रहा था। तब जरासंघ ने सोचा कि इस पर्वत को आग में जला दिया जाना चाहिए ताकि इस पर्वत के साथ छिपे हुए श्रीकृष्ण और बलराम भी भस्म हो जाएं।


जरासंघ ने अपनी सेना को पर्वत के चारों ओर आग लगाने का आदेश दिया। श्री कृष्ण और बलराम पहाड़ से कूद गए अपने राज्य में लौट आए। जरासंघ पर्वत को तबाह होते देख हैरान हो जाता है और सोचता है कि श्री कृष्ण और बलराम के साथ यह पर्वत नष्ट हो गया होगा।

ये भी पढ़िए-

1. माता सीता के अलावा, रावण के विनाश की वजह थी ये तीन स्त्रियां, इन्हीं का श्राप बना रावण के विनाश का कारण

2. यह रिश्ता क्या कहलाता है फेम शिवांगी जोशी की इस आदत ने शो की पूरी टीम को कर दिया है परेशान

श्रीकृष्ण की इस बात से ये ज्ञान प्राप्त होता है कि अगर आपका शत्रु आपसे ज्यादा शक्तिशाली हो तो पहले आप खुद को शक्तिशाली बनाइये और फिर उनके साथ युद्ध करिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here