राज्य में इस वर्ष होने वाले विघानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच मतभेद नजर रहे है, पिछले काफी समय से दोनो पार्टीयो के बीच गठबंधन चलता रहा था तथा इस बार कुछ अलग नतीजा देखने को मिल रहा है। गठबंधन के बाद नामांकन तक सीट बंटवारे को लेकर दोनो पार्टीयो के बीच सहमती भी बन गई, लेकिन कुछ सीट ऐसी हैं जहां शिवसेना खुद को गठबंधन धर्म से आगे रखा है और बीजेपी के खाते वाली सीटों पर भी अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं| इस प्रकार इन दोनों पार्टियों की वजह से कांग्रेस को थोड़ा बहुत फायदा हो सकता हैं| 

Image result for devendra fadnavis and uddhav thackeray imagesदो विधानसभा माण कंकावली सीटे ऐसी है जहां शिव सेना ने भाजपा के उम्मीदवार होने के बावजूद भी अपने उम्मीदवार उतारे है जबकि माण से जयकुमार गोरे कंकावली से नितेश राणे को मैदान में उतारा है। ये दोनो नेता जो कांगेस पार्टी को छोड़कर इस बार भाजपा से जुड़े थे और 2014 के चुनाव में ये कांगेस से जीत भी हासिल कर चुके है।

Image result for devendra fadnavis and uddhav thackeray imagesदरअसल कंकावली सीट से बीजेपी प्रत्याशी नितेश राणे के पिता नारायण राणे पहले शिवसेना में थे, उन्होने 2005 में शिवसेना का साथ छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था, इतना ही नही कुछ समय बाद उन्होने उद्धव ठाकरे पर निशाने साधे थे, इसलिए नितेश राणे के पीछे शिवसेना की पुरानी अदावत दिखती नजर रही है। इसी बीच शिवसेना के इस फैसले से दोनो पार्टीयो के बीच की लड़ाई बेहद दिलचस्प हो गई है। 

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