ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत: चेतेश्वर पुजारा ‘मैन ऑफ द सीरीज

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज अब समाप्त हो चुकी है और भारत ने जीत जा बिगुल बजा दिया है।ऑस्ट्रेलिया टूर पर भारत की कमान भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली के हाथों में थी। उनकी कप्तानी में टीम ने एक नया इतिहास कायम किया। भारत ने सीरीज पर 2-1 से कब्जा किया। करीब 71 सालों के बाद भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया को उसी की जमीन पर मात दी।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत के हर खिलाड़ी ने अच्छा प्रदर्शन दिखाया। मगर अगर बात करें पुजारा की तो उन्होंने टीम में एक अहम योगदान दिया। 30 साल के पुजारा बॉर्डर गावस्कर टेस्ट श्रृंखला में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इस पूरी श्रृंखला में पुजारा ने तीन शतक और एक अर्धशतक जड़ा। उन्होंने 74.43 की औसत से शानदार 521 रन बनाए।

इस श्रृंखला में पुजारा का प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा-टेस्ट मैच-मैच1-पहली पारी-123, दूसरी पारी-71, मैच2-पहली पारी-24, दूसरी पारी-4, मैच3- पहली पारी-106, मैच4- पहली पारी-193

चेतेश्वर पुजारा ने इस प्रदर्शन से सभी के दिलों में जगह बना ली है। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के खिताब से भी नवाजा गया है। इतना ही नहीं पुजारा सिडनी टेस्ट के मैन ऑफ द मैच भी बने। चेतेश्वर पुजारा ने एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी टेस्ट मैचों में शतक बनाये थे।
हमेशा लोग चेतेश्वर पुजारा पर सवाल उठाते थे कि वो सिर्फ एशियाई मैदानों और भारतीय परिस्थितियों में ही रन बना सकते हैं मगर इस ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद उन्होंने सबकी बोलती बंद कर दी है और उन लोगों को मैन ऑफ द सीरीज बनकर एक करारा जवाब दिया है।

पुजारा ने अपने बयान में बोला कि, ‘हम सभी के लिए यह वाकई में एक बहुत शानदार पल हैं। हम सभी ने विदेशी सरजमी पर टेस्ट श्रृंखला जीतने के लिए बहुत मेहनत की थी, जिसका नतीजा सबके सामने है। एडिलेड में लगाया गया शतक मेरे लिए बहुत ख़ास था, उस शतक के साथ हमारी टीम 1-0 की बढ़त लेने में सफल रही और हमारे अन्दर श्रृंखला जीतने का विश्वास जगा।’
‘जीत का श्रेय हमारे गेंदबाजो को भी जाता हैं, हर मैच में 20 विकेट लेना आसान नहीं होता। यहाँ से जाने के बाद मैं प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलूँगा। आईपीएल के दौरान मेरा फोकस काउंटी क्रिकेट खेलने पर रहेगा। भारत की अगली टेस्ट सीरीज 6-7 महीने के बाद है, तब तक मैं अपने खेल पर ओर ध्यान दूंगा। इतना ही नहीं मेरा ध्यान सफेद गेंद वाले क्रिकेट पर रहेगा और मैं उसके लिए भी मेहनत करूंगा, लेकिन खेल में मेरी सबसे पहली प्राथमिकता टेस्ट क्रिकेट ही रहेगी।’

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