आज के जमाने में कई ऐसे किस्से देखने को मिल जाते हैं, जिसमें बच्चे मां बाप का ख्याल नहीं रख पाते हैं। यही नहीं वह अपने मां-बाप को अकेला छोड़कर भी चले जाते हैं। आज के समय में इस तरह के किस्से लगभग आम हो गए हैं। न्यूज़पेपर का बड़ा हिस्सा इस तरह की खबरों से भरा रहता है।

ऐसी ही एक खबर सुनने को मिली है, उज्जैन से। यहां एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक आईपीएस बेटे ने अपनी मां को होटल में छोड़ दिया। जिसकी वजह से मां को मजबूर होकर सेवाधाम आश्रम में शरण लेना पड़ा। हालांकि जब ढाई महीने बाद इनका बेटा वापस आया, तब ये महिला अपने बेटे से लिपटकर खूब रोने लगी। जब बेटे से मां को छोड़कर जाने की पीछे की वजह पूछी, गयी तब उसने जो वजह बताइ वो हम आपको बताने वाले हैं।

जानते हैं क्या है पूरा मामला-

दरअसल दिल्ली की रहने वाली तारा देवी अपनी बेटी अविनाश के साथ उज्जैन दर्शन करने आई हुई थी। जहां पर वह एक होटल में ठहरी हई थी। तारा देवी के बेटे अविनाश 2004 गुजरात कैडर के आईपीएस ऑफिसर हैं। तारा देवी ने बताया कि होटल में अचानक एक दिन अविनाश ने थोड़ी देर में आने के बात कह कर चलें गए। परंतु वह वापस नहीं आया और इस तरह से 2 हफ्ते गुजर गए। जब तारा देवी के पास पैसे नहीं बचे तो होटल के मालिक ने इस बात की सूचना कलेक्टर को दी।

की बात कलेक्टर ने तारा दीदी को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया जहां से सेवा धाम आश्रम के संस्थापक सुधीर भाई गोयल, कानूनी कार्यवाही को पूरी करके अपने साथ तारा देवी को सेवा धाम आश्रम ले गए। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल नंबर के जरिए अविनाश का पता लगाया और उन्हें मिलने के लिए बुलाया गया। इस समय ढाई महीने का समय बीत गया, और ढाई महीने बाद जब अविनाश अपनी मां से मिलने पहुंचे तो तारा देवी अपने बेटे से लिपट कर रो पड़ी।

जब अविनाश से मां को छोड़कर जाने का कारण पूछा गया तो, उन्होंने इस बात का खुलासा किया कि उन्हें नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया है। जिसकी वजह से वह बहुत परेशान है और इसी परेशानी में वह मां को छोड़ कर चले गए।

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