झुंझुनूं की इन तीन सगी बहनों की कहानी, तीनो नेशनल खिलाड़ी और अब तीनों सरकारी सेवा में

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छोटे से गांव के रहने वाले लोग आजकल क्या कुछ नहीं कर सकते है इस बात की मिसाल पेश की हैं झुंझुनूं की इन सगी बहनों ने। पहले तीनों ही वॉलीबॉल की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी हैं और अब तीनों ही सरकारी सेवा में रहकर अपने गांव का नाम देशभर में रोशन कर रही हैं और साथ सबकी लिए एक प्रेरणा भी हैं ये बहनें।

तीनों बहनों में से एक बहन का नाम है मनेश गिल। मनेश गिल ने बताया कि, ‘परिवार गांव में रहता था। घर में खेती का काम खूब था। गाय-भैंस भी रखते थे। मेरे जन्म के करीब 9 वर्ष बाद मेरी छोटी बहन हुई। मां खेती संभालती थी तो एक परेशानी आई, मां खेती संभाले या नवजात बहन को संभाले।

पड़ौसियों व अन्य लोगों ने मां से कहा बड़ी बेटी (मनेष) की पढाई छुड़वा दो। वह गाय-भैंस चरा लेगी। बेटियों को तो वैसे भी ससुराल जाकर रसोई व खेत ही संभालने हैं। मेरी पढ़ाई छुड़वाने के लिए मां पर खूब दबाव डाला, लेकिन मेरी मां ने पढ़ाई नहीं छुड़वाई। छोटी बहन को संभाला और खेती का काम भी किया। आज नतीजा यह है कि मैं सीआइडी (इंटेलीजेंस) में इंस्पेक्टर हूं।’

मनेश इस मुकाम पर पहुंचने का श्रेय अपनी मां को देती हैं और कहती हैं कि, ‘मेरे कॅरियर में सबसे महत्वपूर्ण योगदान मेरी मां पुष्पा देवी का है। खुद ज्यादा पढ़ी हुई नहीं है, लेकिन उसने पढाई का महत्व समझा। अगर उस दिन वह सभी के कहने पर मेरी पढाई छुड़वा देती तो शायद आज मैं इस पद पर नहीं पहुंचती।’

मनेश तीनों बहनों में दूसरे नंबर की हैं और उनकी बारहवीं तक की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल में ही हुई है। मनेश पुलिस के खेलों में भी कई खेल चुकी है। मनेश को कई अवार्ड्स के साथ नवाजा जा चुका है।

मनेश की बड़ी बहन है जिसका नाम है राजकुमारी और छोटी बहन है किरण। दोनों ही बहनें इस समय सरकारी स्कूलों में शिक्षक हैं। इन बहनों की सबसे खास बात ये है कि ये तीनों ही बहने राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुकी हैं और अब तीनो ही सरकारी सेवा में तैनात हैं। इन सभी की प्रारम्भिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से ही हुई।

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