भाद्रपद मास की पूर्णिमा के बाद पित्र पक्ष की शुरुआत होती है, जो अमावस्या तक चलती है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। पितृपक्ष उन पूर्वजों को समर्पित होता है जो परलोक सिधार चुके हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष की शुरुआत 13 सितंबर से हो रही है। एवं इसकी समाप्ति 28 सितंबर को होगी। जिसके बाद नवरात्रि का शुभ आरंभ हो जाएगा।

शास्त्र शास्त्रों में कुछ ऐसी चीजों का वर्णन किया गया है, जिन्हें पितृ पक्ष में करने की मनाही होती है। इस पोस्ट में हम उन्हें चीजों का वर्णन करने जा रहे हैं जो शास्त्रों के मुताबिक पितृ पक्ष में नही करने चाहिए।

आइए जानते हैं वह चीजें कौन सी है-

1. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसे लोग जो पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं, उन्हें भूल कर भी पितृपक्ष के दौरान अपने बाल नहीं कटवाने चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष लगता है।

2. पितृपक्ष के दौरान यदि कोई भिखारी दरवाजे पर आ जाए तो उसे कभी भी खाली हाथ वापस नहीं भेजना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृपक्ष के दौरान जितना दान पुण्य किया जाता है पूर्वक उतना ही ज्यादा तृप्त होते हैं।

3. पितृपक्ष के दौरान किसी भी प्रकार का नया सामान जैसे कपड़ा मकान वाहन बर्तन इत्यादि खरीदने से बचना चाहिए। इसके अलावा पितृपक्ष के समय किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने की भी मनाही होती है।

4. पितृपक्ष के दौरान पूजा करते समय सदैव पीतल व तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए पितृपक्ष के दौरान लोहे के बर्तनों का इस्तेमाल करना शुभ नहीं माना जाता है।

5. जो लोग पित्र पक्ष में अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं उन्हें इन 15 दिनों तक साबुन तेल इत्यादि के इस्तेमाल से बचना चाहिए।

ये भी पढ़िए-

1. जानिए कैसे होते हैं वह लोग जिनके पैरों की दूसरी उंगली होती है बाकी उंगलियों की अपेक्षा बड़ी

2. छोटी बच्ची के पास बैठकर जोर जोर से भौंक रहा था कुत्ता, उसके बाद बच्ची की मां ने जो देखा उससे थम गई उनकी सांसे

ऐसा माना चाहता है पर कि पितृपक्ष में आप जो भी कार्य करते हैं वह सीधा आपके पूर्वजों पर लगता है। अतर पितृपक्ष के दौरान ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिससे आपके पूर्वजों की आत्मा कष्ट पहुँचे। कोशिश करनी चाहिए कि आप जो भी कार्य करें उससे आपके पूर्वज आपसे प्रसन्न हो।